Wednesday, 18 December 2013

भ्रष्टाचार

'"जनहित की योजनाओं  मे  १ रुप्ये मे से मात्र १० पैसे ही पहुचते है " की स्वीकारोक्ति  पर स्वर्गीय राजीवगाँधी को सत-सत नमन |काश  राहुल गाँधी भी इस बात को समझ पाते | यही ९० पैसे से राजनीतिज्ञों और नौकरशाहों की संपत्ति २ /३ सालो मे २००  -३०० % और किसी -किसी की १००% हो जाती है |यही भ्रस्टाचार ही देश के विकास मे  बाधक है ,गरीबी और अपराध का  कारण है |

लोकपाल का प्रभाव

लोकपाल से अराजकता समाजवादी पार्टी मे फैलेगी क्योकि इसमें राजाभैया  अतीकअहमद जैसे कितने  कुख्यात अपराधी प्रवृति के लोगो का बाहुल्य है |रामगोपाल यादव जी भ्रष्ट नौकरशाही को जनता से पैसे लेकर काम करने की सलाह देतेहै | सपा के सुशासन का अंदाजा इसी से लगाया   जा सकता है कि कोई भी उद्योगपति उ.पी. मे उद्योग लगाने की हिम्मत नही करता और प्रदेश का युवा दुसरे प्रदेसो मे पलायन के लिए मजबूर है |सपा के १७ महीने मे १०७ दंगो का रिकार्ड ही सपा के कुसासन का गवाह है मुस्लिम तुस्टीकरण की निति के कारन उ.पी . आतंकवादीयों की पनाहगार बना हुआ है और प्रदेश की जनता त्राहि _त्राहि कर रही है |अतः लोकपाल से भ्रष्टनौकरशाही और राजनीती के गठजोड़ से जनता को कुछ सकून मिलेगा |